Raat 1 baje ki khamoshi
रात के 1 बज रहे थे। पूरा शहर सो चुका था, लेकिन Aarav के कमरे की लाइट अभी भी जल रही थी। Laptop screen पर एक blank document खुला था जिसका title था — Last Letter.
Cursor blink कर रहा था, बिल्कुल उसकी आँखों की तरह जो बार-बार दरवाज़े की तरफ देख रही थीं… जैसे कोई अभी आएगा।
आज ठीक 3 साल हो गए थे। फिर भी उसे लगता था कि समय वहीं रुक गया है।
Library wali pehli mulaqat
Aarav और Meera की कहानी किसी movie जैसी नहीं थी।
न dramatic entry, न love at first sight।
उनकी पहली मुलाकात library में हुई थी।
Meera एक book के लिए ऊपर वाली shelf तक पहुँच नहीं पा रही थी। Aarav ने बिना कुछ बोले book निकालकर दे दी।
“Thank you,” Meera मुस्कुराई… और चली गई।
बस इतना ही।
लेकिन कुछ कहानियाँ शुरू होने के लिए इतना ही काफी होता है।
Dosti jo dheere-dheere love ban gayi
अगले कुछ हफ्तों तक Aarav रोज library आने लगा। कभी book पढ़ता, कभी pretend करता कि पढ़ रहा है।
एक दिन Meera उसके पास आई।
“तुम सच में books पढ़ते हो या acting करते हो?”
“क्यों?”
“क्योंकि तुम 20 minutes से same page देख रहे हो।”
दोनों हँस पड़े।
यहीं से उनकी story शुरू हुई।
Coffee dates, long walks, silly fights, midnight calls…
Aarav introvert था, Meera sunshine।
वह उसकी जिंदगी में रंग भर देती थी।
Simple love confession
कोई roses नहीं, कोई candle light dinner नहीं।
बस एक rainy evening।
Meera भीगकर Aarav के room आई।
“मुझे बारिश पसंद नहीं… लेकिन तुम्हारे साथ चलना पसंद है।”
Aarav ने उसका हाथ पकड़ा —
“मेरी life से मत जाना।”
और उसी दिन दोनों की life एक हो गई।
Jab life ne test liya
3 साल तक सब perfect रहा।
फिर एक दिन Meera का call आया।
“मुझे job मिल गई है।”
Aarav खुश हो गया — “कहाँ?”
“Canada… Permanent.”
खुशी और खामोशी एक साथ टकरा गई।
Airport पर Meera ने पूछा —
“Long distance try करेंगे?”
Aarav ने कहा — “Lifetime wait करूँगा।”
Meera रो पड़ी —
“Promise करो अपनी life stop नहीं करोगे।”
Aarav मुस्कुराया — “मेरी life तुम हो।”
और वह चली गई।
Dheere-dheere sab khamosh ho gaya
पहले calls, messages, video chats।
फिर calls कम हुए।
Messages छोटे हुए।
और एक दिन… सब बंद।
Aarav ने call किया। Email भेजे। Social media check किया।
कुछ नहीं।
जैसे Meera हवा हो गई।
3 साल गुजर गए।
लेकिन Aarav नहीं बदला।
Last Letter 💔
उस रात Aarav ने laptop पर लिखना शुरू किया —
Dear Meera,
पता नहीं तुम कहाँ हो… खुश हो या busy।
मैं गुस्सा नहीं हूँ। बस एक सवाल है — क्या मैं तुम्हारी कहानी का important part था?
मैंने promise किया था wait करने का। और आज भी wait कर रहा हूँ।
सब बदल गया Meera… बस मैं नहीं।
अगर कभी वापस आना चाहो… मैं यहीं हूँ।
— Aarav
उसने document save किया।
Doorbell at 2 AM
तभी doorbell बजी।
रात के 2 बजे।
Aarav ने दरवाज़ा खोला…
और समय रुक गया।
सामने Meera खड़ी थी।
थोड़ी बदली हुई… लेकिन वही आँखें।
“Late हो गई… गुस्सा हो?” उसने धीरे से कहा।
Aarav की आँखों में आँसू आ गए —
“तुम गई ही कब थीं…”
Sach jo sab kuch badal gaya
Meera रो पड़ी।
“मुझे cancer हो गया था। Treatment चल रहा था। मैं नहीं चाहती थी तुम मुझे इस हालत में देखो… मैं strong बनकर वापस आना चाहती थी।”
Aarav ने उसे कसकर hug किया।
“Love में strong या weak नहीं होता… बस साथ होता है।”
Meera ने मुस्कुराकर कहा —
“मैं वापस आ गई हूँ।”
Aarav बोला —
“मैं अभी भी यहीं हूँ।”
True Love Always Finds Its Way ❤️
कभी-कभी love perfect नहीं होता।
कभी टूटता है, रुकता है, खो जाता है।
लेकिन अगर love सच्चा हो…
तो वह वापस रास्ता ढूँढ ही लेता है।
और इस बार Aarav ने दरवाज़ा बंद नहीं किया —
उसने अपनी life खोल दी।
Written by Aisha
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